श्वसन तंत्र संक्रमण से जूझ रहे पोप फ्रांसिस, डॉक्टरों ने किया उपचार में बदलाव
रोम। लोगों को अपनी चमत्कारिक शक्तियों से ठीक करने वाले पोप फ्रांसिस गंभीर रूप से बीमार हैं। एक सप्ताह तक ब्रोंकाइटिस की समस्या के बाद पोप फ्रांसिस को शुक्रवार को रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दूसरी बार इलाज में बदलाव
वेटिकन ने सोमवार को कहा कि डाक्टरों ने पोप फ्रांसिस के श्वसन पथ के संक्रमण की जटिल स्थिति को देखते हुए दूसरी बार इलाज में बदलाव किया है। वह अभी अस्पताल में ही रहेंगे। वेटिकन के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी ने कहा कि हाल में और सोमवार को कराए गए टेस्ट से पता चला है कि 88 वर्षीय पोप पालीमाइक्रोबियल श्वसन पथ संक्रमण से पीड़ित हैं।
पालीमाइक्रोबियल रोग वायरस, बैक्टीरिया, कवक और परजीवियों की एक साथ उपस्थिति से होता है।
पोप फ्रांसिस की हालत स्थिर
पोप अस्पताल से कब डिस्चार्ज होंगे यह जानकारी नहीं दी गई। लेकिन ब्रूनी ने बताया कि पोप फ्रांसिस की हालत स्थिर है और सोमवार को उन्होंने नाश्ता किया, कुछ कामकाज किया और समाचार-पत्र भी पढ़े। पोप फ्रांसिस को पहले भी निमोनिया के कारण भर्ती कराया गया था।
घुटने हो चुके खराब
घुटने खराब होने के कारण वह व्हीलचेयर, वाकर आदि का प्रयोग करते हैं। उन्हें साइटिका की भी समस्या है। जब 2023 में उन्हें गंभीर निमोनिया हुआ था तो उस समय उन्हें तीन दिन बाद ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। फ्रांसिस के अस्पताल में भर्ती रहने के कारण वेटिकन के कुछ कार्यक्रमों को रद करना पड़ा है।

पारदर्शी आबकारी नीति से सरकार की कमाई में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
लोकसभा सीटों में 50% वृद्धि से उत्तरी राज्यों को बढ़त, दक्षिण भारत को संभावित नुकसान
Madhya Pradesh High Court की सख्ती, डॉक्टर को रिश्वत मामले में फटकार
Ahilyanagar के तालाब में डूबे 3 बच्चे, एक का शव मिला; दो की तलाश जारी
बंगाल में सियासी पारा चढ़ा: अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ 14 आरोपों की चार्जशीट जारी की