मुंबई। ताड़देव पुलिस स्टेशन में तैनात एपीआई (API) हितेश जोष्ठे पर एक नाबालिग बच्चे के साथ गुंडागर्दी और मारपीट करने के संगीन आरोप लगे हैं। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर पीड़ित परिवार ने गहरा रोष व्यक्त किया है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 17 अप्रैल 2026 की शाम ताड़देव के तुलसीवाडी इलाके में घटित हुई।

  • अमानवीय व्यवहार: सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में पहुंचे एपीआई जोष्ठे ने रास्ते से गुजर रहे एक किशोर को रोककर उसका नाम पूछा। आरोप है कि नाम बताने के दौरान ही जोष्ठे ने जानबूझकर अपना पैर बच्चे के पैर पर रख दिया और विरोध करने पर उसे और जोर से दबाया।
  • सरेआम पिटाई: जब नाबालिग ने अपना पैर छुड़ाने की कोशिश की, तो जोष्ठे ने उसे कई थप्पड़ जड़ दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बच्चे को पकड़ रखा था ताकि अधिकारी उसे पीट सके।

आरोपी अधिकारी का पुराना 'ट्रैक रिकॉर्ड'

पीड़ित बच्चे की माँ ने बताया कि हितेश जोष्ठे का व्यवहार पहले भी हिंसक रहा है:

  • पहले भी की मारपीट: पिछले साल भी इसी अधिकारी ने उनके दूसरे बेटे के साथ मारपीट की थी।
  • राहगीरों से बदसलूकी: कुछ वर्ष पूर्व ताड़देव सिग्नल पर एक बाइक सवार को भी बिना किसी गलती के थप्पड़ मारने का मामला सामने आया था, लेकिन उस समय भी कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।

प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

घटना की पूरी फुटेज CCTV में कैद होने और ताड़देव डिवीजन के एसीपी (ACP) के पास लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है।

प्रमुख बिंदु:

  • पीड़ित परिवार ने आरोपी अधिकारी की तत्काल बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
  • सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों का इस तरह का व्यवहार इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
  • स्थानीय निवासियों में पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर भारी असुरक्षा का भाव है।