मेरठ: मासूम की दर्दनाक कहानी, मां ने 1.5 लाख में अपने 3 महीने के बेटे को बेच दिया
बुरा वक्त इंसान को कमजोर बना देता है और इस मुश्किल वक्त में इंसान को कुछ ऐसे फैसले न चाहते हुए भी करने पड़ते हैं. ऐसा ही एक फैसला उत्तर प्रदेश के मेरठ की महिला ने लिया, जहां एक तरफ उसका सुहाग था और दूसरी तरफ उसका जिगर का टुकड़ा. महिला का पति बीमार था, जिसके इलाज के लिए उसे पैसों की जरूरत थी. ऐसे में उसने अपने तीन महीने के बेटे का ही सौदा कर दिया और बच्चे को बेच दिया.
ये मामला मेरठ के हापुड़ के बाबूगढ़ से सामने आया है, जहां रहने वाली नीलम ने अपने बेटे का सौदा किया. नीलम के पति का नाम सुभाष है. दोनों के तीन बच्चे हैं. इनमें से सबसे छोटा बच्चा 3 महीने का है. महिला आर्थिक रूप से परेशान थी और पति बीमार रहता है. नीलम पति का इलाज नहीं कर पा रही थी तो उसकी पड़ोसन कुसुम ने नीलम को उसके तीन महीने के बच्चे को डेढ़ लाख रुपए में बेचने का लालच दिया.
बच्चे को डेढ़ लाख में बेच दिया
कुसुम ने नीलम को मेरठ के रहने वाले एक एजेंट अमित से मिलवाया, जो गांव जाहिदपुर का रहने वाला है. अमित ने ही नीलम के 3 महीने के बच्चे का सौदा किया और सोनिया नाम की महिला को 1.50 लाख रुपए में बेच दिया. सोमवार को देर शाम मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास पर सोनिया बच्चे को लेने आई थी. उधर से नीलम अपने 3 महीने के बच्चे को गोद में लेकर रोती रोती पहुंची.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही ने दोनों की बात सुन ली और थाना प्रभारी को सूचना दे दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नीलम, कुसुम, अमित को हिरासत में ले लिया. हिरासत में पुलिस पूछताछ के दौरान नीलम ने बताया कि उसके पति को कैंसर है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत है. इसके लिए ही बच्चे का सौदा करने आई थी. हालांकि पुलिस इस मामले की सभी पहलू से जांच कर रही है. साथ ही इस मामले की जांच बच्चा तस्करी से भी जोड़कर भी की जा रही है. पुलिस मामले की सच्चाई का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है.

कमलनाथ के बयान पर भाजपा का तंज, राहुल गांधी पर निशाना
भारत दौरे पर रूस के डिप्टी पीएम मंटुरोव, व्यापार, ऊर्जा और पश्चिम एशिया पर चर्चा
एमपी के 1.5 लाख शिक्षकों को बड़ी राहत, चौथी क्रमोन्नति मंजूर
मैहर में ड्यूटी पर पुलिस जवान का अनोखा अंदाज, माता भक्ति में झूमे
Bengal Elections 2026: AIMIM ने जारी की 12 प्रत्याशियों की सूची, देखें किसे कहां से टिकट मिला
राघव चड्ढा का दावा: “मैं खामोश करवाया गया हूं, पर हारा नहीं हूं”
देसी और हाइब्रिड खीरे में क्या अंतर, कौन ज्यादा फायदेमंद