महाराष्ट्र स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री ने हुतात्माओं को दी श्रद्धांजलि, दूसरी ओर अलग विदर्भ की मांग को लेकर प्रदर्शन

मुंबई: महाराष्ट्र राज्य के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यभर में उत्साह और गौरव का माहौल रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हुतात्मा स्मारक पहुंचकर संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को नमन किया। वहीं, दूसरी ओर अलग विदर्भ राज्य की मांग को लेकर नागपुर में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला।

मुख्यमंत्री का संबोधन: 'महाराष्ट्र देश का पावर इंजन'

हुतात्मा स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा:

  • छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित 'महाराष्ट्र धर्म' और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ही राज्य की असली पहचान है।

  • महाराष्ट्र आज देश का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है और निरंतर प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

  • मजदूर दिवस पर श्रमिकों का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि आज हम जो भी विकास देख रहे हैं, वह कामगारों के पसीने और मेहनत का ही फल है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए भी नागरिकों को शुभकामनाएँ देते हुए महाराष्ट्र को एक प्रगतिशील और विकसित राज्य बताया।

राजभवन में ध्वजारोहण

महाराष्ट्र दिवस के पावन अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई स्थित लोक भवन (राजभवन) में तिरंगा फहराया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस गरिमामयी समारोह में राष्ट्रगान और राज्य गीत की धुनें बजाई गईं। कार्यक्रम में राज्यपाल की पत्नी सुधा देव वर्मा सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा।

अलग विदर्भ के लिए काला दिवस और विरोध

स्थापना दिवस के जश्न के बीच अलग विदर्भ राज्य की मांग एक बार फिर उठी। नागपुर के संविधान चौक और विधान भवन के समक्ष प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों ने हवा में काले गुब्बारे छोड़े और जमकर नारेबाजी की। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

उल्लेखनीय है कि 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर बॉम्बे स्टेट का विभाजन कर महाराष्ट्र राज्य का गठन किया गया था। इसकी नींव 1950 के दशक में चले 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' ने रखी थी। तभी से हर साल 1 मई को पूरे राज्य में स्थापना दिवस को सांस्कृतिक गौरव के साथ मनाया जाता है।