महाकाल भक्त की भक्ति, 29 किलो चांदी के आभूषण किए भेंट
उज्जैन। मध्यप्रदेश के धर्मनगरी उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर देश में आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक हैं. ये 12 ज्योतिर्लिंग में एक भी है. यहां पर हर समय महाकाल बाबा के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है. एक बार फिर से महाकाल के दरबार में आस्था और भव्यता का एक अद्भुत संगम देखने को मिला है. यहां पर एक भक्त में अपने आराध्य बाबा महाकाल को 29 किलो चांदी के आभूषण भेंट किए है।
परिवार के साथ महाकाल के दरबार में पहुंचा भक्त
अहमदाबाद से पधारे महेश भाई भगवान दास ठाकुर ने भगवान महाकाल को 29 किलोग्राम से अधिक चांदी के विशेष आभूषण अर्पित कर अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की. दान की गई वस्तुओं कई चीजें शामिल हैं. इसमें चांदी की पगड़ियां और गंगाजली रूपांकनों से सुसज्जित मुकुट समेत कई चीजें शामिल हैं. महेश भाई भगवान दास ठाकुर अपने परिवार के साथ बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे थे।
मंदिर समिति को लगभग 29 किलोग्राम चांदी की भेंट
यहां पर पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने मंदिर समिति को लगभग 29 किलोग्राम चांदी से बने भव्य आभूषण भेंट किए, जिनकी कीमत लगभग ₹70 लाख है।
दान की गई वस्तुओं में है ये सब
दान के रूप में दी गई वस्तुओं में एक चांदी की पगड़ी, गंगाजली (पवित्र जल पात्र) वाला एक मुकुट, सांप के फन की आकृति से जड़ा एक मुकुट, सूर्य की किरणों से सजा एक मुकुट, अर्द्धचंद्र वाला एक मुकुट, कान की बालियां, एक कटोरा, एक धूपदानी, गरुड़ की एक प्रतिमा, डमरू (ढोल) और घंटी का एक सेट, रुद्राक्ष की माला, त्रिपुंड्र (माथे पर तीन रेखाओं का निशान), एक औपचारिक चंवर, अर्द्धचंद्र का प्रतीक और आंखों के साथ-साथ चांदी के अन्य कई विशेष आभूषण शामिल हैं।

अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन
फॉरेस्ट ग्राउंड में बना बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रहा