आचार्य चाणक्य की 10 महान नीतियां जो जीवन को सफल बना सकती हैं
आचार्य चाणक्य : की नीति जीवन के गहरे सत्य और व्यवहारिक ज्ञान को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाती है। चाणक्य कहते हैं कि हर व्यक्ति इस संसार में अस्थायी है, इसलिए किसी के जाने पर अत्यधिक शोक नहीं करना चाहिए। यह जीवन और मृत्यु का प्राकृतिक नियम है, जिसे समझकर व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बन सकता है।
चाणक्य के अनुसार, आज के समय में सबसे बड़ी शक्ति ज्ञान है। जैसे कमजोर दिखने वाला खरगोश अपनी बुद्धि से शेर को भी मात दे सकता है, वैसे ही इंसान को शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए। वे यह भी कहते हैं कि किसी भी परिस्थिति में अपनों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि अपनों से दूर जाना अधर्म के समान है।
चाणक्य समझाते हैं कि किसी वस्तु का आकार या ताकत ही सब कुछ नहीं होती। जैसे बिजली पहाड़ से छोटी होते हुए भी उसे तोड़ सकती है, वैसे ही बुद्धि और रणनीति बड़ी से बड़ी समस्या को हल कर सकती है।
उनके अनुसार, जिज्ञासा और स्थिर मन वाला व्यक्ति ही वास्तव में शक्तिशाली होता है। जो व्यक्ति केवल घरेलू कार्यों में उलझा रहता है, वह ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता।
चाणक्य लोभ, व्यभिचार और स्वार्थ को भी बुराइयों की जड़ बताते हैं। वे कहते हैं कि लालची व्यक्ति कभी सच्ची बात नहीं कहता और बुरा व्यक्ति कभी सुधर नहीं सकता, चाहे उसे कितना भी समझाया जाए।
अंत में, आचार्य चाणक्य की नीति हमें सिखाती है कि ज्ञान, संयम और सही सोच ही जीवन की सच्ची सफलता की कुंजी है।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (13 फ़रवरी 2026)
एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े
वन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता : दिनांक 12 फरवरी 2026
मीना बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता
श्रम मंत्री देवांगन ने ली श्रम विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक, दिए आवश्यक निर्देश
मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम-मंत्री केदार कश्यप