घर में दुकान खोलने वालों को बड़ी राहत, अलग बिजली कनेक्शन की जरूरत नहीं
उत्तर प्रदेश: छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत, अब घर से दुकान चलाने पर नहीं लेना होगा कॉमर्शियल कनेक्शन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उन लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है जो अपने घरों में छोटी दुकान संचालित करते हैं। नई बिजली टैरिफ नीति के तहत अब ऐसे उपभोक्ताओं को अलग से कॉमर्शियल (व्यावसायिक) बिजली कनेक्शन लेने की अनिवार्यता से छूट मिल सकती है। राज्य विद्युत नियामक आयोग इस नए प्रावधान पर गंभीरता से विचार कर रहा है, जिससे प्रदेश के लगभग 35 लाख छोटे कारोबारियों को सीधा फायदा होगा।
क्या है वर्तमान समस्या? वर्तमान में यदि कोई व्यक्ति अपने घर के एक हिस्से में छोटी सी किराना दुकान, स्टेशनरी या सब्जी की दुकान खोलता है, तो उसे व्यावसायिक दर पर अलग कनेक्शन लेना पड़ता है। ऐसा न करने पर विभाग द्वारा बिजली चोरी की कार्रवाई की जाती है। अभी घरेलू बिजली की दर करीब 4 से 5 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि कॉमर्शियल दर 8 रुपये प्रति यूनिट तक जाती है। साथ ही भारी फिक्स्ड चार्ज भी देना पड़ता है।
प्रस्तावित नई व्यवस्था की मुख्य बातें:
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नई श्रेणी का प्रावधान: घर से छोटे व्यवसाय चलाने वालों के लिए एक विशेष श्रेणी बनाई जा सकती है।
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यूनिट की सीमा: संभव है कि 300 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले छोटे दुकानदारों से केवल घरेलू दरों पर ही शुल्क लिया जाए।
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आर्थिक बचत: अलग कनेक्शन की जरूरत खत्म होने से छोटे दुकानदार, जो सिर्फ बल्ब या पंखे का उपयोग करते हैं, भारी-भरकम बिल और न्यूनतम अधिभार (सरचार्ज) से बच सकेंगे।
बिजली दरों में बढ़ोतरी के आसार नहीं: प्रदेश के करीब 3.5 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि फिलहाल बिजली दरों में वृद्धि की संभावना कम है। पावर कॉर्पोरेशन के प्रस्तावों और उपलब्ध सरप्लस को देखते हुए माना जा रहा है कि जून में जारी होने वाली नई दरों में कोई इजाफा नहीं किया जाएगा। नियामक आयोग का पूरा ध्यान छोटे उपभोक्ताओं को राहत देने और व्यवस्था को सरल बनाने पर है।

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