राज्यसभा सीट पर कास्ट समीकरण में घिरी कांग्रेस, अब सिंधी समाज की एंट्री
रीवा। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद मध्य प्रदेश में राज्ससभा सांसद की सीट खाली हो चुकी है. इस खाली सीट पर कांग्रेस के भीतर खींचतान मची हुई है. खबरों की माने तो पार्टी के अंदर जातीय समीकरणों को लेकर दवाब बढ़ता जा रहा है. इस सीट पर पहले दलित और विंध्य के ब्राह्मणों द्वारा दावेदारी पेश की गई थी वहीं अब सिंधी समाज ने इस इस रेस में उपस्थिति दर्ज करा दी है।
महामंत्री दिलीप ठारवानी ने लिखा पत्र
रीवा शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री दिलीप ठारवानी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संबोधित पत्र में लिखा है. उन्होंन इस पत्र में सिंधी समाज से राज्यसभा प्रतिनिधि भेजने की मांग उठाई है. इस पत्र में महामंत्री दिलीप ठारवानी ने लिखा कि वे लंबे समय से कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं और उनका परिवार पीढ़ियों से पार्टी की विचारधारा से जुड़ा है।
दिलीप ठारवानी ने आगे लिखा
उन्होंने आगे लिखा कि सिंधी समाज देशभर में कांग्रेस के प्रति अपनी आस्था और योगदान के लिए जाना जाता है. आगामी राज्यसभा चयन में सिंधी समाज से एक योग्य और समर्पित प्रतिनिधि के रूप में उनके नाम पर विचार किया जाए. इस पत्र की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी भेजी गई है।
क्या चार सीटों पर होगा चुनाव?
- दूसरी तरफ प्रदेश में अब चार राज्यसभा सीटों पर चुनाव की संभावना बन रही है. फिलहाल तीन सीटें पहले से ही खाली हो रही हैं, जबकि एक अतिरिक्त सीट भी रिक्त हो सकती है।
- केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, जो मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं, अब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अविनाशी सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. उनका राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है।

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