नोएडा सेक्टर-80 में कर्मचारियों का बवाल, पत्थरबाजी के बाद पुलिस का लाठीचार्ज
नोएडा : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद नोएडा के फेज 2 में प्रदर्शनकारी आज फिर से जमा हो गए। उन्होंने पत्थरबाजी की है। हालात को काबू में करने के लिए यहां पुलिस तैनात कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, फेज 2 के सेक्टर 80 इलाके में सुबह नौ बजे पथराव किया गया था। यहां पथराव करने वालों पर लाठीचार्ज किया गया, तब भीड़ हटी। बताया जा रहा है कि गुरु अमरदास इंटरनेशनल कंपनी में यह पथराव हुआ था। नोएडा फेज 2 में अराजकता का माहौल है। लोग चोरी छिपे अराजकता फैला रहे हैं। वहीं, सब-इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने पत्थर फेंके हैं। जो लोग घरों की साफ-सफाई का काम करते हैं, वे अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे।हमने उनसे बात की तो उन्होंने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से मुझे भी चोटें आईं। कुछ लोगों को पकड़ लिया गया है और उनसे आगे पूछताछ की जाएगी।
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह कहती हैं कि हमें यह समझना होगा कि एक संगठित समूह है जो श्रमिकों को उकसा रहा है और सुनियोजित तरीके से इस मामले को आगे बढ़ा रहा है। पिछले कुछ दिनों में महज कई फर्जी ट्विटर हैंडल और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि कोई व्यक्ति किसी कॉल सेंटर का संचालन कर रहा है या तकनीक का इस्तेमाल करके उन्हें सुनियोजित ढंग से भड़का रहा है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह कहती हैं कि सुबह पांच बजे से लगातार रूट मार्च किए जा रहे हैं। आज सुबह तीन जगहों पर मजदूर इकट्ठा हुए थे उनसे तुरंत बातचीत करने के बाद पंद्रह मिनट के अंदर ही उन्हें तितर-बितर कर दिया गया। एक उच्च-स्तरीय समिति जो कल से यहां मौजूद है, उसने सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत और लंबी बैठकें कीं, और कुछ सिफारिशें कीं।
उत्तर प्रदेश सरकार मजदूरों की समस्याओं को समझती है, उनके प्रति सहानुभूति रखती है, और उनकी सभी समस्याओं को हल करने के लिए तैयार है। वेतन वृद्धि पर आज फैसला होने की संभावना है। मैं सभी मजदूरों से अपील करती हूं कि वे अपनी फैक्टरियों में काम पर लौट आएं और गौतम बुद्ध नगर जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।
पिछले दो दिनों में ऐसे कई WhatsApp ग्रुप बनाए गए हैं, जहां मजदूरों को QR कोड स्कैन करवाकर ग्रुप में जोड़ा जा रहा है। इससे पता चलता है कि पर्दे के पीछे एक सुनियोजित, संगठित गिरोह काम कर रहा है। हमने भीड़ में से ऐसे कुछ तत्वों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, और भविष्य में भी हम उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगे। उनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी, और अगर यह पाया जाता है कि उन्हें देश या राज्य के बाहर से फंडिंग मिली है, तो उस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। कल, हमने अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं के संबंध में सात FIR दर्ज की हैं। 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें उकसाने वाले कुछ लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।

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