नई दिल्ली। भारतीय झंडे वाला जहाज जग विक्रम (Indian-flagged ship Jag Vikram) 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 14 अप्रैल को गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंचने वाला है। पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने बताया कि यह जहाज 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को पार कर चुका है। इस यात्रा को नई दिल्ली के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन के युद्धविराम की घोषणा के बाद यह पहला भारतीय जहाज (Indian ship) है जो इस समुद्री मार्ग से गुजरा है। जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक सवार हैं।

एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने कहा, ‘भारतीय झंडे वाला LPG वाहक जहाज जग विक्रम के 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट पार करने के बाद 14 अप्रैल को कांडला पहुंचने की संभावना है। इस जहाज में 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है और इसमें 24 नाविक सवार हैं।’ उन्होंने आगे बताया कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।

2177 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी
मंत्रालय ने अब तक 2177 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में ही 93 नाविक शामिल हैं। इस प्रक्रिया में विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री हितधारकों के साथ निरंतर तालमेल बनाए रखा जा रहा है। मंत्रालय ने भारतीय बंदरगाहों पर सामान्य परिचालन की पुष्टि की है। सभी भारतीय बंदरगाहों पर कामकाज बिना किसी बाधा के चल रहा है और किसी भी प्रकार की भीड़ या कंजेशन की रिपोर्ट नहीं आई है। समुद्री कर्मियों की भलाई सुनिश्चित करना मंत्रालय की प्राथमिकता है।

क्षेत्रीय तनाव के बावजूद मंत्रालय निरंतर निगरानी और समन्वय के माध्यम से भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। जग विक्रम का सफलतापूर्वक आना इस बात का सबूत है कि युद्धविराम के बाद समुद्री मार्ग धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। भारत अपनी लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी आयात खाड़ी क्षेत्र के देशों से करता है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम मार्ग की सुरक्षा और सुचारू परिचालन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।