मकर संक्रांति पर सेठानी घाट में आस्था का सैलाब, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नर्मदापुरम। मकर संक्रांति के अवसर पर नर्मदा नदी में डुबकी लगाने के लिए लोगों की कतार लगी हुई है. नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर ब्रह्म मुहूर्त से ही लोग आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. नर्मदा मैया का आशीर्वाद लेने के लिए लोग अलग-अलग शहरों से नर्मदापुरम पहुंचे हुए हैं. लोगों की भीड़ से सेठानी घाट भरा हुआ है. पवित्र स्नान करने के बाद लोग विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर रहे. सूर्यदेव और मां नर्मदा के सामने नतमस्तक होकर लोग सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
घाटों पर रखा जा रहा स्वच्छता का ध्यान
मकर संक्रांति के अवसर पर घाटों पर स्वच्छता का भी काफी ध्यान रखा जा रहा है. घाट पर छोटे-छोटे बच्चे साफ-सफाई में लगे हुए. नर्मदापुरम के ही रहने वाले मामा-भांजा सुबह से घाट की सफाई करते हुए दिखाई दिए. नदी में अर्पित हो रहे नारियल फूल-माला को निकाल रहे बच्चे ने कहा कि नर्मदा जी में कचरा नहीं होना चाहिए।
भोपाल से नर्मदा में डुबकी लगाने पहुंची महिलांए
इसके साथ ही भोपाल से महिलाएं जत्थे में नर्मदा जी में डुबकी लगाने के लिए सुबह-सुबह नर्मदापुरम पहुंच गई. दोस्ती लगाने के बाद महिलाएं पीतल के लोटे में नर्मदा जी का जल लेकर मंदिरों में जाते हुए दिखाई दी. अनमोल तिवारी ने इन महिलाओं से बातचीत की उन्होंने कहा कि नर्मदा जी शंकर जी की बेटी हैं।
नर्मदा नदी को भगवान शंंकर की पुत्री माना जाता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नर्मदा नदी को भगवान शंकर की पुत्री माना जाता है, क्योंकि उनका जन्म भगवान शिव के पसीने की बूंदों से हुआ था जब वे ऋक्ष पर्वत (अमरकंटक) पर तपस्या कर रहे थे, इसलिए उन्हें ‘शंकरी’ भी कहते हैं. महिलाओं ने शानदार भजन की भी प्रस्तुति दी है सुनिए. कुल मिलाकर कह सकते हैं कि नर्मदापुरम में इस बार बहुत धूमधाम के साथ मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है जिसमें शामिल हजारों लोग उत्साह के साथ डुबकी लगाते हुए नजर आए।

महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: Indian National Congress का पीएम पर हमला, सर्वदलीय बैठक की मांग
Saurabh Bharadwaj का बयान—“राज्यसभा सांसद बने इसलिए हुई शादी”, Raghav Chadha पर निशाना
अमेरिका-ईरान तनाव का असर: 60% तक बढ़ी तारकोल की कीमत, सड़क निर्माण प्रभावित
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम को जमानत, जांच पर उठे सवाल
Rajnath Singh-चीन रक्षा मंत्री की बिश्केक में मुलाकात, रिश्तों में नरमी के संकेत
पूर्वोत्तर में खेलों को बढ़ावा, दो राज्यों में खुलीं नई क्रिकेट अकादमियां