झारखंड CGL केस में आया ऐतिहासिक फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई मुहर, विवाद हुआ खत्म
सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) 2023 के पेपर लीक मामले में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को Supreme Court of India ने सोमवार को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में Jharkhand High Court का फैसला पूरी तरह सही है और उसमें किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के साथ ही CGL 2023 से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है।
जांच जारी रखने और नियुक्ति प्रक्रिया को मिली वैधता
झारखंड हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पेपर लीक मामले की जांच जारी रखने के साथ-साथ सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार द्वारा चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस आदेश को बरकरार रखने से राज्य सरकार के साथ-साथ हजारों सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे।
10 आरोपी अभ्यर्थियों के परिणाम पर रोक बरकरार
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान जिन 10 अभ्यर्थियों को आरोपी बनाया गया है, उनका परिणाम Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) जारी नहीं करेगा। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य अभ्यर्थी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसका परिणाम भी रोका जा सकता है और आयोग उसकी अनुशंसा रद्द कर सकता है।
CBI जांच की मांग खारिज
इससे पहले कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।

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