हेमंत सोरेन की बड़ी कानूनी चाल: केस खत्म करने की अर्जी दाखिल, क्या 13 जनवरी को मिलेगी क्लीन चिट?
रांची में बड़गाई अंचल की 8.46 एकड़ जमीन से जुड़े Money Laundering Case में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा कानूनी कदम उठाया है। आरोप तय किए जाने से पहले उन्होंने पीएमएलए कोर्ट में डिस्चार्ज याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर अब 13 जनवरी को सुनवाई होगी। शनिवार को मामले की सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन कोर्ट के नहीं बैठने के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई।
मुख्यमंत्री की ओर से यह डिस्चार्ज याचिका 5 दिसंबर को दाखिल की गई थी। याचिका में हेमंत सोरेन ने खुद को निर्दोष बताते हुए कोर्ट से अनुरोध किया है कि उनके खिलाफ आरोप तय न किए जाएं। यह सुनवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि मामला फिलहाल आरोप निर्धारण के चरण में है और आगे की पूरी कानूनी प्रक्रिया इसी फैसले पर निर्भर करेगी।
इस Money Laundering Case में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुका है। चार्जशीट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कुल 18 आरोपियों के नाम शामिल हैं। ईडी का दावा है कि बड़गाई अंचल की जमीन का अवैध तरीके से हस्तांतरण किया गया और इससे जुड़े लेनदेन के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, यदि कोर्ट डिस्चार्ज याचिका को खारिज करता है, तो आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं, याचिका स्वीकार होने की स्थिति में मुख्यमंत्री को इस मामले में राहत मिल सकती है। बड़गाई जमीन घोटाले को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है और यह मामला राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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