इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर सियासत गरम, सरकार पर विपक्ष हमलावर
Indore News : के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां दूषित पानी पीने से अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। साथ ही उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की है।
जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर की जनता ने भाजपा को बार-बार भरोसा दिया। सांसद, विधायक, महापौर और पार्षद चुनकर भेजे गए, लेकिन बदले में शहर को दूषित पानी मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पानी में जहर घुला और लोगों की जान चली गई। पटवारी ने यह भी कहा कि जब पत्रकार इस मामले में सवाल पूछते हैं, तो मंत्रियों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जो सरकार के अहंकार को दर्शाता है।
Indore News में आगे उन्होंने दावा किया कि जब वे मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे, तो सभी को उम्मीद थी कि सरकार उनकी मदद करेगी, लेकिन हकीकत इससे अलग नजर आई। जीतू पटवारी ने सरकार, नगर निगम और भाजपा पर मौतों के आंकड़े छिपाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस शहर को स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान मिली, उसी शहर में लोगों को जहरीला पानी पिलाया गया।
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए जयवर्धन सिंह और सज्जन सिंह वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी की जांच रिपोर्ट 5 जनवरी को सार्वजनिक की जाएगी। उधर, सरकार ने पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और मुख्यमंत्री ने जांच के लिए एक टीम भी गठित की है।

90 डॉलर के नीचे आया क्रूड: अंतरराष्ट्रीय नरमी के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने नहीं बदले रेट।
नीमच में हैवानियत: पति ने पत्नी को छत पर बनाया बंधक, सालों तक दाने-दाने को तरसाया
World Heritage Day 2026: विरासत के संरक्षण का संकल्प, आइए देखें दुनिया के ये 7 अजूबे।
मुंबई का नया लैंडमार्क: धारावी के बाद देश के सबसे बड़े रिडेवलपमेंट को लीड करेंगे अदाणी।
केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात: महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि, 1 जनवरी से लागू
बंगाल चुनाव 2026: योगी की एंट्री से बढ़ा पारा, ममता सरकार पर बोला तीखा हमला
बजट सत्र का समापन: लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 93% रही उत्पादकता