झारखंड में दवा माफिया पर शिकंजा! हेल्थ विभाग सख्त, CID करेगी जांच, जानें किन दवाइयों पर है नजर
झारखंड रांची में दूषित, नकली और प्रतिबंधित मेडिसिन की खरीद-बिक्री तेजी से हो रही है. प्रदेश में इन दवाइयों को लेकर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारियां चल रही है. झारखंड सीआईडी के द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जिला पुलिस और औषधि निरीक्षक को अवैध मेडिसिन बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
क्या है पत्र में
सीआईडी ने पत्र में लिखा कि राज्य में दूषित, नकली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध रुप से वितरण को रोकने के लिए कड़ा अभियान चलाना बहुत आवश्यक है. झारखंड के सभी जिलों के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक और एसपी को सीआईडी ने 4-5 दिसंबर को विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है. झारखंड उच्च न्यायालय में दायर W.P.(PIL) NO-6691/2025 (सुनील कुमार महतो बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य) के आदेशों का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है.
विभाग से मिली सूचना-424 के अनुसार, औषधि निरीक्षकों एवं जिला पुलिस के द्वारा संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा, जो मेडिकल स्टोर, थोक विक्रेताओं की भौतिक जांच करेगी. सभी स्टॉक रजिस्टर का मिलान, खरीद-बिक्री की कानूनी दस्तावेजों की जांच के साथ बिना किसी डॉक्टर की सलाह से दिये गये नियंत्रित दवाओं की बिक्री पर प्रमाणिकता की पुष्टि की जाएगी. किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत विधिवत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.
ईमेल में देनी होगी रिपोर्ट
पत्र के द्वारा यह आदेश दिया गया है कि नकली और प्रतिबंधित दवाओं के लिए चलाए गए अभियान के परिणामों की पुरी रिपोर्ट 7 दिसंबर तक अपराध अनुसंधान विभाग को ईमेल (control-cid@jhpolice.gov.in) पर भेजना होगा, ताकि 12 दिसंबर की सुनवाई से पहले शपथ- पत्र पेश किया जा सके. यह अभियान गृह, कारा और आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र (सं.18/न्याय-11/2025-4557, 28.11.2025) एवं अदालत के आदेश पर आधारित है.

गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के फ्लैट में भीषण आग, इलाके में मचा हड़कंप
सोनम रघुवंशी को जमानत, लेकिन इंदौर आने पर लगी रोक
इंदौर में रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई, PWD अधिकारी सस्पेंड, ग्वालियर अटैच
इंदौर के जलूद में 271 करोड़ की सोलर परियोजना तैयार, CM करेंगे उद्घाटन
पश्चिम बंगाल में 142 सीटों पर मतदान जारी, बूथों पर सुबह से लंबी कतारें
एक्सप्रेसवे पर टोल दरें लागू, कार चालकों को चुकाने होंगे करीब ₹1500
Devi Bhagavata Purana का रहस्य: कौन हैं Durga के स्वामी?