एमपी में नशा कैसे छाया? कांग्रेस ने विधानसभा में उठाया बड़ा सवाल
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्ष ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास इकट्ठा होकर कांग्रेस विधायकों ने प्रतीकात्मक इंजेक्जशन और ‘नशे की पुड़िया’ लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायकों ने नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई कांग्रेस विधायक शामिल हुए।
मुख्यमंत्री जी बताओ, एमपी में नशा कैसे छाया?
विधायकों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। एक कांग्रेस विधायक की तख्ती में लिखा हुआ था कि जो सरकार रोजगार नहीं दे सकती, वो ड्रग्स माफिया को संरक्षण दे रही है। इसके साथ ही एक अन्य विधायक ने तख्ती को लेकर प्रदर्शन किया जिसमें लिखा हुआ था मुख्यमंत्री जी बताओ, एमपी में नशा कैसे छाया? इसके साथ ही एक तख्ती में लिखा हुआ था कि भोपाल की एमडी ड्रग्स किसकी थी।बीजेपी पर आरोप लगाते हुए एक तख्ती पर लिखा कि नशे से लाचार प्रदेश, भाजपा का यही संदेश।
भैंस-बीन और ‘गिरगिट से प्रदर्शन
विधानसभा की कार्यवाही के पहले दिन कांग्रेस विधायक प्रतीकात्मक गिरगिट लेकर पहुंचे थे। वहीं दूसरी दिन विधानसभा परिसर में प्रतीकात्मक भैंस के सामने बीन बजाकर प्रदर्शन किया। वहीं राज्य में पेसा एक्ट का सही से क्रियान्वयन ना होने के कारण फूल-पत्ती लेकर सत्र के तीसरे दिन प्रदर्शन किया था।
8 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 8 अगस्त तक चेलगा. 12 दिवसीय सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें होगी, जबकि 2 और 3 अगस्त(शनिवार और रविवार) को अवकाश रहेगा। इस सत्र के लिए कुल 3 हजार 377 सवालों में से 2076 सवाल ऑनलाइन आए थे, जबकि 1301 सवाल ऑफलाइन पूछे गए हैं।

90 डॉलर के नीचे आया क्रूड: अंतरराष्ट्रीय नरमी के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने नहीं बदले रेट।
World Heritage Day 2026: विरासत के संरक्षण का संकल्प, आइए देखें दुनिया के ये 7 अजूबे।
मुंबई का नया लैंडमार्क: धारावी के बाद देश के सबसे बड़े रिडेवलपमेंट को लीड करेंगे अदाणी।
केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात: महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि, 1 जनवरी से लागू
बंगाल चुनाव 2026: योगी की एंट्री से बढ़ा पारा, ममता सरकार पर बोला तीखा हमला
बजट सत्र का समापन: लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 93% रही उत्पादकता
होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: ईरान ने दी अमेरिका को नौसैनिक नाकेबंदी पर चेतावनी