रेड कॉरिडोर में विकास की दस्तक: गढ़चिरौली को मिलेगा स्टील प्लांट, हॉस्पिटल और टाउनशिप
नागपुर: नक्सलियों के गढ़ रहे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बदल रहा है। 80 फीसदी घने जंगल वाले गढ़चिरौली में 75 साल बाद जनवरी में बस चली थी। अब महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने गढचिरौली में इंटिग्रेटेड स्टील प्लांट, 100 बेड के हॉस्पिटल, स्कूल और टाउनशिप की आधारशिला रखी। इसके अलावा हेदरी में आयरन ग्रिंडिंग यूनिट और पैलेट प्लांग का उद्घाटन भी किया। रेड कॉरिडोर में इंडस्ट्री की एंट्री से नक्सली हिंसा की विदाई मानी जा रही है।
बस चली तो PM मोदी ने किया जिक्र
गढ़चिरौली नक्सलियों का एक ऐसा किला रहा है, जहां सरकारी विकास परियोजनाओं के पहुंचने में सात दशक लग गए। रेड कॉरिडोर के जंक्शन माने जाने इस इलाके में रहने वाले आदिवासी लंबे समय तक दोहरे खौफ में जीते रहे। कमांडो दस्ते का ऑपरेशन और नक्सलियों की महापंचायत दोनों उनके लिए मुसीबत बन गई थी। रोजगार नहीं होने के कारण युवा नक्सल आंदोलन की ओर जा रहे थे। स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना सरकार के लिए आसान नहीं था, क्योंकि पूरे इलाके में नक्सली कमांडर की समानांतर सत्ता चलती थी। जिले के काटेझरी गांव में जब पहली बार बस पहुंची, तो इसका जिक्र खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मई 2025 को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इसका जिक्र किया था।
तीन राज्यों के जॉइंट ऑपरेशन का असर
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलगांना से जुड़े होने का कारण गढ़चिरौली सात दशक तक नक्सलियों का सेफ जोन रहा। किसी भी राज्य में हिंसा करने के बाद नक्सली आसानी से दूसरे राज्य में गढ़चिरौली के रास्ते भाग जाते थे। जब केंद्र सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया तो छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर और गढ़चिरौली में एनकाउंटर का सिलसिला शुरू हुआ। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में पिछले जून तक इस साल 226 नक्सली मारे गए, जिनमें केशवराव, सुधाकर, बसवराजू जैसे पोलित ब्यूरो के टॉप कमांडर शामिल हैं। इसके अलावा 418 को गिरफ्तार भी किया गया और 896 ने सरेंडर किया है। जनवरी में गढ़चिरौली में 11 और जून में 12 माओवादियों का आत्मसमर्पण किया था। अमित शाह ने लाल कॉरिडोर को मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त करने की डेडलाइन रखी है।
एक्शन के साथ उठाया विकास का बीड़ा
दरअसल सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने के साथ खास रणनीति बनाई है। जिन इलाकों से नक्सलियों को खदेड़ा जा रहा है, वहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। बस्तर में सड़क, सुरक्षा कैंप के साथ मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। गढ़चिरौली में माइन प्रोसेसिंग यूनिट के साथ स्कूल, अस्पताल और टाउनशिप प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने मंगलवार को जिस इंटिग्रेटेड स्टील प्लांट और आयरन ग्रिंडिंग यूनिट की आधारशिला रखी, वह सात साल बाद दुनिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट के तौर पर सामने आएगा। इस प्रोजेक्ट में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा सीएम इंटिग्रेटेड स्टील ने हॉस्पिटल, स्कूल और टाउनशिप की आधारशिला रखी। खुद देवेंद्र फड़णवीस गढ़चिरौली के प्रभारी मंत्री भी है।

दिलीप जोशी और हरिहरन को मिला बड़ा सम्मान, समारोह में छाए कलाकार
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर BJP का पलटवार, विपक्ष को संदेश
Drunk Policeman Assault: जबलपुर में युवक को पीटने का मामला
Maharashtra Update: संजय गांधी नेशनल पार्क में एंट्री फीस बढ़ोतरी रद्द
Gulf Crisis Impact: बहादुरगढ़ में जूता उद्योग का उत्पादन आधा
फैंस को भाया ट्विंकल का अंदाज, वीडियो हुआ वायरल
Bargi Dam Case: तमिलनाडु भेजने से पहले शर्त, परिवार में आक्रोश