दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने चार दिन में दो बार पहनीं 'बिहारी साड़ी', पहले मधुबनी तो अब पटोला प्रिंट; जानें खूबियां
भागलपुर केंद्र की सियासत में इस वक्त बिहार की साड़ी केंद्र में है। पहले निर्मला सीतारमण तो अब रेखा गुप्ता ने बिहार की साड़ी पहनकर दिल्ली से बिहार को साफ-साफ संदेश दे दिया, और बता दिया कि केंद्र सरकार हो या दिल्ली सरकार, बिहारियों की मान-सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाएगा। यही कारण है कि बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण मधुबनी प्रिंट वाली सड़ी पहनी थीं। अब दिल्ली की मुख्यमंत्री।
रामलीला मैदान में मधुबनी प्रिंट
बता दें कि रेखा गुप्ता ने 20 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण में बिहार के लोगों को सम्मान दिलाने का संदेश दिया था। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उन्होंने मधुबनी प्रिंट की साड़ी पहनी थीं और अब पटोला प्रिंट साड़ी पहनी हैं। इन साड़ियों के चयन से पता चलता है कि वे बिहार की कला और संस्कृति को कितना महत्व देती हैं। लोगों का मानना है कि अब दिल्ली में बिहार के लोगों को सम्मान मिलेगा।
विधानसभा में पटोला प्रिंट
बता दें कि दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो गया है। प्रोटेम स्पीकर अरविंदर सिंह लवली ने नए विधायकों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले शपथ ली। फिर दिल्ली कैबिनेट के बाकी मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। सभी नए विधायकों को विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने पटोला प्रिंट वाली साड़ी पहनी थी। पटोला प्रिंट की साड़ी भागलपुर के चंपानगर बनती है।
पटोला प्रिंट वाली साड़ियों की विशेषता
भागलपुर के चंपानगर में पटोला प्रिंट वाली कॉटन सिल्क साड़ियां मिलती हैं। इन साड़ियों में मंदिर जैसा बॉर्डर और पल्लू होता है। साथ में ब्रोकेड का ब्लाउज भी मिलता है। असली पटोला साड़ियां अच्छी क्वालिटी के रेशम से बनती हैं। ये साड़ियां मुलायम होती हैं और पहनने पर खूबसूरत लगती हैं। दरअसल, भागलपुरी कॉटन सिल्क साड़ियों में मंदिर की डिजाइन वाला बॉर्डर और पल्लू होता है। इनके साथ ब्रोकेड का ब्लाउज भी आता है। साड़ी की लंबाई 5.5 मीटर और ब्लाउज की लंबाई 0.8 मीटर होती है। पटोला साड़ी की खासियत यह है कि यह उच्च गुणवत्ता वाले रेशम से बनी होती है। ये मुलायम और सुंदर होती हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो चंपानगर ( भागलपुर ) की पटोला साड़ियां अपनी खूबसूरती और क्वालिटी के लिए जानी जाती हैं।

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