निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार पर कुलदीप जुनेजा का तगड़ा हमला, संगठनात्मक सुधार की मांग
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक हार के बाद एक बार फिर से पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा चर्चा में हैं. निकाय चुनाव मतदान के बाद बागियों की घर वापसी पर सवाल उठाने वाले जुनेजा ने पार्टी अध्यक्ष दीपक बैज की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए संगठन में तुरंत बदलाव की मांग की है. उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को नहीं, हमारे मौजूदा संगठन को हार मिली है,रायपुर उत्तर से पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने चर्चा में कहा कि संगठन कमजोर रहा है. निर्दलीय लोगों को बिठाने में पार्टी विफल रही, पोलिंग पांच बजे समाप्त हुई, और 18 लोगों को प्रवेश दें दिया गया, किसके बोलने से प्रवेश किया गया? ये सभी चुनाव हारने का कारण हैं.
इसके साथ ही उन्होंने संगठन में तत्काल बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को लेकर कहा कि न प्रदेश में पकड़ बना, न कुछ काम किया. दीपक बैज की कार्यप्रणाली से कोई खुश नहीं है. उन्होंने जोर दिया कि जो भी नए अध्यक्ष आएंगे, उनसे इस लिस्ट को निरस्त करने की माँग करेंगे. साथ ही उम्मीद जताई कि संगठन में खरीद-फरोख्त की जांच के लिए जो मैंने पत्र लिख है, उस पर जांच होगी.
नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को नहीं, बल्कि मौजूदा संगठन को हार मिलने की बात कहते हुए कुलदीप जुनेजा ने कहा कि चार चुनाव हार के बाद भी यदि इस्तीफ़ा मांगा जाए तो शर्म की बात है. नैतिकता नाम की भी कोई चीज होती है, दीपक बैज को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए. कांग्रेस संगठन में बदलाव बहुत जरूरी है. कांग्रेस संगठन में बदलाव बहुत जल्द होना जरूरी है.

राशिफल 06 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे हों कार्य: राज्यमंत्री गौर
तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय की 129वीं" बैठक हुई
सिंगाजी ताप विद्युत गृह में आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
इंदौर में 9 से 13 जून तक होगा ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट
लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति