ममता बनर्जी के तिलक न लगवाने पर छिड़ा विवाद, नरोत्तम मिश्रा ने कहा


भोपाल । मुंबई में गुरुवार को विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया की तीसरी बैठक में शिरकत करने पहुंचीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा होटल परिसर में सभी मेहमानों को लगाए जा रहे तिलक से इंकार करने पर विवाद उठ खड़ा हुआ है। खासकर भाजपा के नेता इस मुद्दे पर ममता के खिलाफ हमलावर हैं। इस विवाद में मप्र के गृहमंत्री और भाजपा नेता डा. नरोत्तम मिश्रा भी कूद पड़े हैं। उन्होंने ममता पर तंज कसते हुए इसे उनकी तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है।
नरोत्तम ने शुक्रवार सुबह मीडियाकर्मियों के साथ चर्चा के दौरान इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- ममता जी सत्ता का तिलक लगाने को आतुर हैं इसलिए तुष्टीकरण की राजनीति की तरफ हैं। हिंदुत्व का प्रतीक है तिलक। ममता जी हिंदुत्व की भावनाओं को खंडित करने के काम में लगी हैं। नरोत्तम ने यहां तक कहा कि लाखों तिलकधारियों का खून बहाने वाली ममता जी को स्वाभाविक है कि तिलक लगाने में दिक्कत आएगी। वे उस राज्य की मुख्यमंत्री हैं, जो दुर्गापूजा के नाम पर जाना जाता है। इस पर देश के लोगों को विचार करना चाहिए।


कांग्रेस दफ्तर में सुंदरकांड पाठ पर भी कसा तंज
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मोदीजी के आने का एक परिणाम यह भी है कि कभी कांग्रेस कार्यालय में बकरे बंधा करते थे, आज वहां सुंदरकांड का पाठ हो रहा है। चचाजान दिग्विजय सिंह और चलो-चलो करने वाले कमल नाथ राखी बंधवा रहे हैं।