जहां भक्ति होती है वहां स्वयं भगवान विराजमान होते हैं-वत्स जी महाराज
जहां भक्ति होती है वहां स्वयं भगवान विराजमान होते हैं-वत्स जी महाराज
दैनिक द लाॅयन सिटी - संत हिरदाराम नगर
संत नगर रेलवे माल गोदाम के पास चल रही संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को वत्स जी महाराज ने शुकदेव आगमन, ध्रुव चरित्र, भीष्म स्तुति, कपिल भगवान और माता देवहूति के संवाद, वराह अवतार तथा राजा परीक्षित के प्रसंगों का वर्णन होता है, जिसमें महाराज ने श्रद्वालुओं को सांसारिक मोह छोड़कर भक्ति और वैराग्य का महत्व समझाया। व्यासपीठ का पूजन कार्यक्रम आयोजक मुकेश सूर्यवंशी ने की। वत्स जी महाराज ने कहा कि भक्ति ही ऐसा मार्ग है जिससे आप से परमात्मा से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जहां भक्ति होती है वहां स्वयं भगवान विराजमान होते हैं। भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिल जाती है। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। कथा में संत नगर सहित आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्वालु पहुंच रहे है। पंडित रवि पटेरिया ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चल रही है।

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