शादियों में लगने वाले जाम को नियंत्रण करने के लिए सही नियम होना चाहिए 

 

 

हर बार मैरिज गार्डन/ होटल की टारगेट क्यू

 

 

 दैनिक द लाॅयन सिटी - भोपाल - शादियों का सीजन आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग दिखता है । भारतवर्ष में शादी एक ऐसा पर्व है जिससे करोड़ लोगों के घर व्यापार व्यवसाय चलते हैं । हजारों करोड़ों का व्यापार होता है और गवर्नमेंट को बड़ा टैक्स मिलता है

शादियां सबको पसंद है परंतु वही शादियां जब दिक्कत तक कारण बने तो उसका समाधान ढूंढना चाहिए ना की केवल पल्ला झाड़ना। भोपाल शहर में ऐसा ही हर बार होता है समस्या कोई भी हो उसमें करोड रुपए का टैक्स देने वाले मैरिज गार्डन / होटल के माथे ही माड दिया जाता है जैसे की सड़कों पर निकलने वाली बाराते, जिनका मैरिज गार्डन या होटल से सीधा कोई लेना-देना नहीं है, कोई भी अगर शादी करता है तो वह बारात निकलता है और वह बारात जरूरी नहीं हो कि केवल मैरिज गार्डन होटल में ही जा रही हो परंतु अपनी जिम्मेदारियां का पल्ला झाड़ने के लिए हर बार सारा ठीकरा मैरिज गार्डन / होटल के मथे डाल दिया जाता है । अगर नियम बनाकर उसको सख्ति से पालन किया जाए, तो समस्या का समाधान होगा जैसे की जो तेज गति से ध्वनि विस्तारक डीजे चलते हैं उनको रोकना गलत तरीके से बारात चलने वाले वाहनों को रोकना उन पर कार्रवाई करना और परमिशन लेकर बारात निकलना, जैसे कि अन्य शहरों में होता है खासकर भारत के सबसे साफ शहर इंदौर में वहां पर जो भी बारात निकलती है पहले शासन से परमिशन ली जाती है उसमें शामिल लोगों की संख्या वाहनों की संख्या कहां से किस समय किस जगह से निकलेगी यह पूरी जानकारी लिखित में लेकर फिर परमिशन दी जाती है जिससे की समस्या का समाधान होता है ना कि केवल किसी पर आरोप मडकर उसे टारगेट करना ओर उसी को मोहरा बनाकर सारे नियमों का पालन करवाना । यहां समझने वाली बात यह है की शादियां हमेशा से होती आ रही है हमेशा से होती रहेंगी। जब मैरिज गार्डन होटल नहीं थे तो यही शादियां सड़कों पर होती थी और अव्यवस्थाएं ज्यादा बढ़ती थी जगह-जगह गंदगी के अंबर लगते थे । परंतु जब यह शादियां मैरिज गार्डन / होटल में रहती हैं तो शासन को करोड़ों अरबो रुपए का टैक्स मिलता है और सुव्यवस्थित तरीके से शादियां होती हैं बात रही सड़के जाम होना तो, मैरिज गार्डन होटल वाले अपने परिसर में व्यवस्था बना सकते है ना कि सरकारी सड़क पर क्योंकि बारात कहां से आ रही है कहां जा रही है पूरे शहर में मैरिज गार्डन होटल संचालक जा जाकर सड़कों पर व्यवस्था नहीं कर सकते वह केवल अपने परिसर में व्यवस्था है कर सकते हैं । अव्यवस्थाओ को सही करने के लिए सही नियम बनाना चाहिए जो उसको तोड़ता है उसे पर कार्रवाई होना चाहिए न कि कुछ घंटे के लिए अपनी जगह किराए पर देने वाले पर।