डीजे का आतंक
दैनिक द लाॅयन सिटी - भोपाल - शादीयो का सीजन आते ही शहर एक अलग ही रंग में आ जाता है जहां लोगों के घरों में खुशियां आती हैं और व्यापार में भी बढ़ोतरी होती है परंतु इन सभी चीजों के बीच में कुछ लोगों की लापरवाही या काहे की मनमानी के चलते आम जनता परेशान होती है ऐसे ही है कुछ डीजे संचालक जो मनमाने तरीके से बड़े-बड़े वाहन सड़कों पर निकलते हैं, जिनकी उनके पास परमिशन भी नहीं होती है और जहां चाहे वाहन खड़ा कर देते हैं इतना ही नहीं वह इतना तेज ध्वनि से डीजे बजाते हैं कि लोग बीमार पड़ जाते हैं घरों में दर्रे पड़ जाती है ।
शहर वासीयो का कहना है
देर रात तक डीजे चलने से बड़ी समस्याएं होती हैं डीजे वाले चाहे तो कम ध्वनि में भी चला सकते हैं परंतु ग्राहक को खुश करने के चलते वह देर रात तक डीजे चलते हैं नियमों का पालन नहीं करते हैं और तेज ध्वनि से डीजे चलाने से लोग बीमार हो जाते हैं और मर भी जाते हैं
शासन के नियम अनुसार क्यों नहीं डीजे चलाया जाता।
हलालपुरा स्थित मैरिज गार्डन संचालक का कहना है।
हमारे मैरिज गार्डन में स्पष्ट रूप से ग्राहक को बताकर तयकर और पोस्टर लगाकर ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर रोक लगी हुई है । डीजे का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है जब शासन परमिशन दे और शासन के नियम अनुसार।
यहां तक हमारे मैरिज गार्डन के बाहर जो बारात लगती है वह भी मैरिज गार्डन द्वारा बनाए हुए सर्विस रोड पर ही चलने के नियम है ।
मैरिज गार्डन होटल संचालक वालों का कहना है कि हम डीजे बुक करते हैं फिर भी ग्राहक और डीजे वाले की मर्जी से डीजे अगर लगता है तो इसका खामियाजा हमें क्यों भुगताना पड़ता है सीधा डीजे संचालक पर क्यों नहीं रोक लगाई जाती जो गलत करते हैं
ऐसा नहीं है कि सभी डीजे संचालक गलत तरीके से डीजे चलते हैं नियमों का पालन नहीं करते हैं परंतु कुछ के चलते सभी के साथ गलत होता है और उनका भुगतान सभी मैरिज गार्डन/होटल्स और डीजे संचालक पर पड़ता है जिस पर शासन को ध्यान देना चाहिए कि जो गलत कर रहा है केवल उसी पर कार्रवाई हो ।

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