वॉशिंगटन ।  टाइम ट्रैवल आने वाले समय में हकीकत में बदल सकता है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी में फिजिक्स और मैथ्स के प्रफेसर और वर्ल्ड साइंस फेस्टिवल के को-फाउंडर ब्रायन ग्रीने का कहना है कि टाइम ट्रैवल दो तरह का होता है और दोनों एक-दूसरे से अलग हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए टाइम ट्रैवल निश्चित रूप से संभव है।एक वीडियो में उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि इसे कैसे करना है क्योंकि आइंस्टीन ने सौ साल पहले हमें इसका रास्ता दिखा दिया था।
हैरानी की बात है कि बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप प्रकाश की गति से अंतरिक्ष में जाते हैं और यात्रा करके वापस लौटते हैं तो आपकी घड़ी में समय और धीरे हो जाता है। तो जब आप पृथ्वी से बाहर कदम रखते हैं तो आपके पास भविष्य में यात्रा करने का समय होगा।उन्होंने बताया कि अगर आप गुरुत्वाकर्षण के एक शक्तिशाली स्रोत के पास मौजूद हैं, जैसे एक न्यूट्रॉन स्टार या ब्लैक होल तो उसके किनारे पर पहुंचते ही आपके लिए समय अन्य लोगों की तुलना में धीमा हो जाएगा। और फिर जब आप पृथ्वी पर वापस लौटेंगे तो आप भविष्य में होंगे। ग्रीने ने कहा कि यह दावा विवादित नहीं है। कोई भी भौतिक विज्ञानी जो जानता है कि किस बारे में बात हो रही है, वह इससे सहमत होगा।दूसरी तरह का टाइम ट्रैवल यानी अतीत की यात्रा को लेकर बहस जारी है। कई लोगों का कहना है कि यह संभव नहीं है।
 टाइम ट्रैवल को लेकर साल 2001 में एक व्यक्ति ने ऑनलाइन पोस्ट में कुछ हैरान करने वाले दावे किए थे। शख्स ने खुद को 2036 से आया एक अमेरिकी सैनिक बताया था। उसने पोस्ट लिखते हुए 2015 में तीसरे विश्व युद्ध और अमेरिका में महामारी की घोषणा की थी। सिलसिलेवार तरीके से पोस्ट लिखने के बाद वह शख्स अचानक गायब हो गया था। बता दें ‎कि टाइम ट्रेवल अभी तक सिर्फ हमारी कल्पना का एक हिस्सा है।